No Admissions to the one-year B.Ed course this year 2026-27:एक वर्षीय बीएड कोर्स में इस साल नहीं होंगे प्रवेश - वजह नया नियामक बनेगा
करीब एक दशक बाद बीएड दो वर्षीय की जगह एक साल का कोर्स सत्र 2026-27 से शुरू होना था। लेकिन मामला अटक गया है। इसके कारण स्टूडेंट्स को इसका फायदा अभी नहीं मिलेगा। इस साल एक वर्षीय बीएड कोर्स में कहीं भी एडमिशन नहीं होंगे। वजह साफ है, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने मान्यता के लिए लिंक ही नहीं खोली गई।
दरअसल, एनसीटीई ने पहले ही साफ कर दिया था कि एक वर्षीय बीएड कोर्स सत्र 2026-27 से लागू होगा। इसके लिए मार्च में नई टीचर एजुकेशन पॉलिसी जारी की जानी है। जब तक यह पॉलिसी और मान्यता प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक कॉलेजों को एक वर्षीय बीएड की अनुमति नहीं मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत केवल वही सिंगल रेगुलेटर की तैयारी में अटका 1 वर्षीय बीएड कोर्स
एक वर्षीय बीएड में देरी की बड़ी वजह उच्च शिक्षा नियामकों का विलय भी है। केंद्र सरकार ने एनईपी-2020 के तहत यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई को मिलाकर एक सिंगल रेगुलेटर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बाद 'विकसित भारत शिक्षा अधीक्षण' या हायर एजुकेशन कमीशन के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इस बदलाव के चलते एनसीटीई फिलहाल कोई नई मान्यता जारी नहीं कर रहा है। यही कारण है कि इस साल एक वर्षीय बीएड कोर्स को हरी झंडी नहीं मिल सकी। आगे चलकर संस्थाओं को मान्यता, मानक निर्धारण और प्रशासन का काम एक ही बोर्ड करेगा, जबकि फंडिंग को इससे अलग रखा जाएगा। फिलहाल जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध अंचल में 205 बीएड कॉलेज हैं, जिनमें करीब 17 हजार सीटें हैं। लेकिन एक वर्षीय बीएड का सपना अभी साकार होने में अभी समय लगेगा। वर्ष 2030 तक अभी छात्रों को दो वर्षीय बीएड कोर्स में ही प्रवेश लेना होगा।
कैंडिडेट एक वर्षीय बीएड के पात्र होंगे, जिन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार चार वर्षीय यूजी डिग्री की है। जिन छात्रों ने तीन साल का ग्रेजुएशन किया है, उनके लिए बीएड अभी भी दो साल का ही रहेगा। हालांकि अभी छात्रों को दो वर्षीय बीएड कोर्स ही करना होगा। छात्रों को एक वर्षीय बीएड कोर्स का बेसब्री से इंतजार था। इस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए छात्र जेयू पहुंच रहे हैं। लेकिन जेयू प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस साल अभी बीएड दो वर्षीय कोर्स में छात्रों के प्रवेश होंगे।
2015 तक एक वर्षीय बीएड कोर्स चल रहा था
वर्ष 2015 तक ग्रेजुएशन के बाद बीएड एक साल का ही होता था, लेकिन एनसीटीई ने इसे बढ़ाकर दो साल कर दिया था। इसके बाद बीएड कॉलेजों में हर साल एडमिशन घटते चले गए। इसी गिरावट को देखते हुए एनईपी लागू होने के बाद बीएड की अवधि घटाने पर दोबारा मंथन शुरू हुआ था लेकिन अब यह मामला फिरसे अटक गया है।
कोर्स शुरू करने एनसीटीई से कोई निर्देश नहीं मिले
• बीएड एक वर्षीय कोर्स सत्र 2026-27 से शुरू करने के कोई भी निर्देश एनसीटीई से जारी नहीं हुए। न ही मान्यता के लिए लिंक खोली गई। जेयू सत्र 2026-27 के लिए बीएड कॉलेजों को दो वर्षीय कोर्स की संबद्धता देगा।
